NMMS चयन के पश्चात अगला कदम
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) द्वारा जब NMMS परीक्षा का परिणाम और जिलावार मेरिट सूची घोषित कर दी जाती है, तो कई विद्यार्थियों और अभिभावकों को यह स्पष्ट नहीं होता कि छात्रवृत्ति की धनराशि उनके खाते में कैसे आएगी।
यह समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है कि NMMS परीक्षा केवल चयन का माध्यम है। वास्तविक छात्रवृत्ति का भुगतान भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (National Scholarship Portal - NSP) के माध्यम से किया जाता है।
चयनित छात्रों को छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करना अनिवार्य होता है:
1. कक्षा 9वीं में प्रवेश (पात्र विद्यालय में)
- कक्षा 8वीं उत्तीर्ण करने के पश्चात छात्र को किसी मान्यता प्राप्त सरकारी स्कूल (Government School), स्थानीय निकाय स्कूल (Local Body School) अथवा सरकार द्वारा वित्तीय सहायता प्राप्त स्कूल (Govt. Aided School) में कक्षा 9वीं में नियमित प्रवेश लेना होगा।
- यदि छात्र किसी निजी (Private) विद्यालय, केंद्रीय विद्यालय या नवोदय विद्यालय में प्रवेश ले लेता है, तो वह NMMS छात्रवृत्ति पाने की पात्रता खो देगा।
2. छात्र का आधार कार्ड एवं बैंक खाता लिंकिंग (Aadhaar Seeding)
भारत सरकार प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से छात्रवृत्ति भेजती है। इसके लिए:
- छात्र के नाम से किसी राष्ट्रीयकृत बैंक (जैसे SBI, PNB, Bank of Baroda, Post Office Payment Bank आदि) में सक्रिय बचत खाता होना चाहिए।
- बैंक खाते का छात्र के आधार नंबर से लिंक (Aadhaar Seeded / NPCI Mapped) होना अनिवार्य है। केवल आधार लिंक होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि डीबीटी (DBT) सक्षम होना चाहिए।
- छात्र अपने बैंक शाखा में जाकर 'Aadhaar Consent Form' भरकर अपने खाते को डीबीटी हेतु अधिकृत कराएं।
3. नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर फ्रेश आवेदन (Fresh Registration)
प्रत्येक वर्ष जुलाई से अक्टूबर के दौरान भारत सरकार का NSP पोर्टल (https://scholarships.gov.in) नए सत्र के आवेदनों के लिए खुलता है:
- नया पंजीकरण: छात्र पोर्टल पर 'New Registration' विकल्प पर जाकर अपना आधार नंबर, मोबाइल नंबर और सामान्य विवरण दर्ज कर पंजीकरण करें।
- योजना का चयन: लॉगिन करने के बाद 'Department of School Education & Literacy' के अंतर्गत National Means-cum-Merit Scholarship Scheme (NMMSS) का चयन करें।
- NMMS रोल नंबर: अपने कक्षा 8वीं के NMMS परीक्षा का रोल नंबर और परीक्षा वर्ष दर्ज करें ताकि राज्य के रिजल्ट डेटाबेस से आपका रिकॉर्ड सत्यापित हो सके।
- विद्यालय का चयन: कक्षा 9वीं के नए विद्यालय का यू-डायस (UDISE) कोड दर्ज करके अपना वर्तमान नामांकन विवरण भरें।
- दस्तावेज सबमिशन: फॉर्म को फाइनल सबमिट करें और प्रिंटआउट निकालें।
4. विद्यालय एवं जिला स्तर पर सत्यापन (Verification Hierarchy)
फॉर्म सबमिट करने के बाद निम्नलिखित स्तरों पर सत्यापन होता है:
- L1 स्तर (विद्यालय सत्यापन): कक्षा 9वीं के स्कूल के नोडल अधिकारी (INO - Institute Nodal Officer) अपने लॉगिन से छात्र के नियमित अध्ययन का ऑनलाइन सत्यापन करेंगे।
- L2 स्तर (जिला सत्यापन): जिला शिक्षा पदाधिकारी / जिला नोडल अधिकारी (DNO) द्वारा सत्यापन किया जाता है।
- इसके उपरांत शिक्षा मंत्रालय द्वारा मेरिट लिस्ट को अंतिम रूप देकर पीएफएमएस (PFMS) प्रणाली के माध्यम से ₹12,000 की वार्षिक राशि छात्र के खाते में सीधे भेज दी जाती है।
5. कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं में रिन्यूअल (Annual Renewal Rules)
छात्रवृत्ति केवल एक वर्ष के लिए नहीं, बल्कि पूरे 4 वर्षों (कक्षा 9वीं से 12वीं तक) के लिए होती है। अगले वर्षों में छात्रवृत्ति प्राप्त करने हेतु नियम:
- कक्षा 9वीं उत्तीर्ण करने पर: प्रथम प्रयास में न्यूनतम 55% अंक (SC/ST के लिए 50%) से पास होकर कक्षा 10वीं में जाना होगा। इसके बाद NSP पोर्टल पर 'Renewal Application' भरना होगा।
- कक्षा 10वीं उत्तीर्ण करने पर: कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में न्यूनतम 60% अंक (SC/ST के लिए 55%) प्राप्त करना अनिवार्य है ताकि कक्षा 11वीं में छात्रवृत्ति जारी रह सके।
- कक्षा 11वीं उत्तीर्ण करने पर: प्रथम प्रयास में न्यूनतम 55% अंक (SC/ST के लिए 50%) अनिवार्य हैं।
- किसी भी कक्षा में अनुत्तीर्ण होने अथवा पढ़ाई छोड़ देने पर छात्रवृत्ति हमेशा के लिए बंद हो जाती है।
आधिकारिक पोर्टल और दिशानिर्देशों के लिए विद्यार्थी https://scholarships.gov.in और https://education.gov.in का नियमित अवलोकन करते रहें।
